लक्ष्य वेबसाइट का शुभारंभ
ज्ञान, नवाचार और प्रगति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज https://lakshycg.com/ वेबसाइट का शुभारंभ किया गया है। यह वेबसाइट “लक्ष्य छत्तीसगढ़” की आधिकारिक पोर्टल है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को उपयोगी जानकारी, सरकारी योजनाओं, शिक्षा एवं विकास से जुड़ी गतिविधियों तक सरल और सुलभ पहुंच प्रदान करना है।
https://lakshycg.com/ प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं को एक ही स्थान पर विभिन्न विषयों से संबंधित विश्वसनीय सामग्री, अपडेट और सेवाएं उपलब्ध कराता है। वेबसाइट का इंटरफ़ेस आकर्षक, उपयोगकर्ता-अनुकूल और मोबाइल फ़्रेंडली है, जिससे हर कोई आसानी से इसका उपयोग कर सकता है।
“लक्ष्य” के माध्यम से हमारी टीम का प्रयास समाज में जागरूकता, शिक्षा और प्रगति के नए आयाम स्थापित करना है। हम सभी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि इस पहल से जुड़ें और डिजिटल छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना योगदान दें।
आपका स्वागत है – https://lakshycg.com/
“सफलता का आधार – लक्ष्य के साथ।”




लोधी क्षत्रिय एम्पलाइज एंड इंटेलेक्चुअल्स एसोसियेशन लक्ष्य छत्तीसगढ़ के द्वारा डोंगरगढ़ में आयोजित युवा छात्र -छात्राओं के लिए यह कार्यक्रम बेहद ही प्रशंसनीय रहा है , ऐसे कार्यक्रमों में यदि हम अधिकारी कर्मचारियों का योगदान नहीं रहा तो मैं समझता हूं कि हम यह सोचकर चल रहे हैं कि अपना काम बनता भांड मे जय जनता, लिए सोच रहे है l हम लोग इस समाज के प्रबुद्ध वर्ग है हमें अपने समाज की संस्कृति को बचाकर चलना ही होगा जब छात्रों के द्वारा इस संगठन के द्वारा ट्रैकिंग सम्मेलन एवं छात्र छात्रा वर्गों के लिए शैक्षिक यात्रा होती है ऐसे समय में हमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए क्षेत्र के बच्चों को प्रोत्साहित भी करना चाहिए , यदि हम ऐसा नहीं कर पाए तो निश्चित ही हम अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम कर रहे हैं, खासकर साजा क्षेत्र से ऐसे कार्यक्रमों में बहुत कम हिस्सेदारी होती है यदि बच्चों को हम नहीं प्रोत्साहित करेंगे तो कौन करेगा l श्री चैनदास जी और उनके टीम को बहुत बधाई, युवा वैज्ञानिक डॉ डी के वर्मा , युवा शैलेन्द्र जंघेल जी ,वकील पूरण सिंह पटेल जी के ओजस्वी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान से बच्चों को भविष्य के लिए उचित मार्ग चयन करने का एक रास्ता मिला ऐसे अवसर में छात्रों को निश्चित ही शामिल किया जाना चाहिए।
प्रिय लोधी समाज के सभी वरिष्ठजनों, साथियों और प्रिय युवाओं,
मुझे लोधी समाज युवा अध्यक्ष के रूप में जो जिम्मेदारी और सम्मान आपने दिया है, उसके लिए मैं हृदय से आप सभी का आभारी हूँ।
यह मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है कि मुझे अपने समाज की सेवा करने का अवसर मिला है।
मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि मैं अपने समाज के उत्थान, एकता और युवाओं के विकास के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करूंगा।
आप सभी का सहयोग और आशीर्वाद मेरे लिए सबसे बड़ी शक्ति है।
🙏 जय लोधी समाज – जय मातृभूमि 🙏
आपका अपना,
सुमीत वर्मा
(युवा अध्यक्ष, लक्ष्य संगठन लोधी समाज)
लक्ष्य छत्तीसगढ़ संगठन
लक्ष्य छत्तीसगढ़ एक उत्कृष्ट विद्यार्थी मंच है जो शिक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व विकास की दिशा में निरंतर कार्यरत है।
यह संगठन विद्यार्थियों को करियर गाइडेंस, शैक्षणिक सहायता तथा सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
इसके कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक होते हैं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व और संवाद कौशल को भी सशक्त बनाते हैं।
हर आयोजन में अनुशासन, ऊर्जा और एकता की झलक देखने को मिलती है।
लक्ष्य छत्तीसगढ़ युवाओं में “मैं भी कर सकता हूँ” की भावना जगाता है।
यह मंच विद्यार्थियों के सपनों को नई दिशा देने वाला प्रेरणास्त्रोत बन चुका है।
संस्था के समर्पित सदस्यों का प्रयास वाकई प्रशंसनीय है।
ऐसे संगठन हमारे समाज में शिक्षा और जागरूकता का दीप प्रज्वलित करते हैं।
मुझे गर्व है कि मैं इस संगठन से जुड़ा हूँ।
लक्ष्य छत्तीसगढ़ को मैं हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ कि यह निरंतर नई ऊँचाइयों को छुए।
लाल ज्ञानेंद्र सिंह वर्मा
सोमाईकला जिला बेमेतरा छ ग
अल्पसंख्यक समुदाय को संगठित होने में समय नहीं लगता क्योंकि देश,काल,स्थिति के अनुसार उन्हें एक होना ही पड़ता है यह उनकी मजबूरी भी होती है और यही मजबूरी उनकी ताकत बन जाती है l वही बहुसंख्यक समुदाय (क्षेत्र विशेष के लोधी )क्योंकि संख्या में बहुत ज्यादा होते हैं और वह इतने ज्यादा होते हैं की एकता जैसे शब्द उन लोगों के लिए शूल जैसे चुभती है इसमे साहू समाज अपवाद है l जो समाज में बहुत आगे बढ़ चुके हैं जिन्हें समाज की आवश्यकता ही नहीं है ये ऐसे लोग हैं जिनको समाज के बीच में आकर बैठना उनका एक होना तकलीफ देने लगता है l तब ऐसे लोग समाज का नहीं बल्कि समाज से इतर अन्य लोगों को प्राथमिकता देना प्रारंभ कर देते हैंl ऐसा करने से इन्हें अजीब सी आनंद की अनुभूति होती होगी ऐसा मुझे लगता है,क्योंकि मैं अपने क्षेत्र में विरल निवास करता हूं इसलिए मुझे समाज को एक करने में खासी रुचि है मैं दूसरे समाजों को देखकर इस बारे में अक्सर लिखते रहता हूं बोलते रहता हूं कि बहुत संख्या होकर भी हम अपने हित के लिए बात करने वाले नेता का चयन नहीं कर पाते,उच्च शिक्षा में मेहनत कर रहे बच्चों की हित कि बात नहीं कर पाते,अपने समाज की हित करने वाले लोगों की बात नहीं कर पाते l अक्सर बहुसंख्यक समाज का पतन होना प्रारंभ इसी कारण से होने लगता है l यदि हम एक नहीं हुए तो हमारा पतन आर्थिक और शैक्षिक रूप से पीछाड़ता हुआ मुझे स्पष्ट दिखाई दे रहा है अशिक्षित एवं निर्धन वर्ग के समाज भी हमसे बेहतरीन कार्य करके एकता का परिचय दे रहे हैंl